Saturday, August 15, 2009

नमस्ते भैया!!

काफ़ी समय बाद लिख रहा हू। एक हफ़्ते के लिये हमारे पास नेट नही था इसलिये हम दीन दुनिया से दूर थे:)।

कुछ दिनो पहले हमारे एक मित्र के साथ एक बडा अज़ीब वाक्या हुआ जिसे हम सोचते है तो हँसी आती है लेकिन शायद उस बेचारे के लिये ये इतना बडा मज़ाक नही है।

 

पिछले शुक्रवार को हमारे मित्र अपनी शादी के लिये लडकी देखने गये, लडकी को बताया नही गया था कि उन्हे कोई देखने आ रहा है और ये परम्परा हमारे समाज़ मे काफ़ी कॉमन है। मित्र साहब घर मे बैठे हुए थे कि लडकी कही बाहर से घर मे दाखिल हुई, उनके पिताजी ने मित्र साहब का परिचय दिया और दोनो को इनफ़ोर्मली मिलाने की कोशिश की।

 

लडकी ने मित्र जी से नमस्ते किया और बोली “नमस्ते भैया॥” :) :) और ये परम्परा भी हमारे समाज़ मे काफ़ी कॉमन है।

हाहाहाहा …

हमारे मित्र जी बहुत परेशान चल रहे है और कोई विरह गीत उन्होने कालर ट्युन भी लगा लिया है।

अब आप ही उन्हे समझाये?? :)

11 comments:

darbhangiya said...

मारे गये गुलफाम!

PD said...

iska koi ilaaj nahi hai mere paas.. :)

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

अब ठीक ही तो कहा लड़की ने। :)

ताऊ रामपुरिया said...

देखो भाई..इनको परेशान होने की जरुरत नही है. किसी गुजराती मित्र से इसका उपाय पूछ लो..क्योंकि वहां पत्नि को भी नाम के बाद बेन शब्द से संबोधित किया जाता है और पति को भाई से. केम छे?

रामराम.

Mrs. Asha Joglekar said...

ताऊ जी की बात से एकदम सहमत ।
मेरे मौसाजी की पोस्टिंग डांग जिले में हुई थी एकदम ठेट देहात, गुजरात का । वहां गये तो पटेल जी ने खाने पे बुलाया पूछा," बेन छे ना " बोले ,"छे ना तीन छे "

somyaa said...

llollzz...:) i wish hamari society mein bhi aisa system hota... :)

Mihir said...

HAHAHAHA... Awesome!! Can't stop laughing!!!!!!

Shilpa said...

ha ha! poor boy!

anuj said...

waise yahan per main bhi kuch keh sakta hun kyunki woh mitra mere aur Pankaj ke common frn hain...

Jis baat per hamare mitra ki jal gayin ussi baat per hamare mitra ke mata pita fida ho gaye...bolo dekho ladki kinte sanskaron wali hai ki kisi ladke se milti hai to usse bhaiya bolti hai...sahi kaha hai ki her sikke ke 2 pehloo hote hain...

प्रवीण पाण्डेय said...

शब्दों से आपके विचार भटक गये तो गये काम से । अर्जुन बन चिड़िया ती आँख तके रहिये ।

अनूप शुक्ल said...

इत्ती सी बात पर बुरा मान गये!